हङबङाहट,चिङचिङाहट,छटपटाहट,ज़बरदस्ती;
टुकङा-टुकङा,शहर सिकुङा, "लाल-बत्ती/हरी-बत्ती"।
घोसले से चोंचले देखे,तो चाहत थी बङी,
पंख फूँको शंख शक्ति का,वहाँ मंज़िल खङी,
दलदली दल, चल चले चल, सर झुका, है सरपरस्ती;
धुंध,धूलें,धूप,रातें, "लाल-बत्ती/हरी-बत्ती"।
टुकङा-टुकङा,शहर सिकुङा, "लाल-बत्ती/हरी-बत्ती"।
नीर निर्मित,चीर निर्मित,क्रोध निर्मित,धीर निर्मित,
फैक्ट्री पग-पग हुआ,पल-पल हुआ जो सिर्फ़ निर्मित,
शक्ल 'पुर्ज़ा है' ,'मशीनें' घनी-बस्ती-बङी-बस्ती
जीविका वाहन,बचत Throttle, Decision "लाल-बत्ती/हरी-बत्ती";
टुकङा-टुकङा,शहर सिकुङा, "लाल-बत्ती/हरी-बत्ती"।
खूँटियों पर खूँटियाँ,सब टँगे,लटके,लदे,फिसले,
क़ब्र तक टाँग आये होंगे,फ़ैसले अगले जनम के,
उठा पुठ्ठा, हँसो झुठ्ठा, मार 'रुपक' को दुलत्ती,
भेङ चालें बस समझतीं, "लाल-बत्ती/हरी-बत्ती";
हङबङाहट,चिङचिङाहट,छटपटाहट,ज़बरदस्ती;
टुकङा-टुकङा,शहर सिकुङा, "लाल-बत्ती/हरी-बत्ती"।
'रुपक'
Comments
http://hariprasadsharma.blogspot.com/
http://sharatkenaareecharitra.blogspot.com/
भाव, शब्द नियोजन,रचना प्रवाह....सब कुछ बेजोड़...आनंद आ गया पढ़कर...
Protsaahan ke liye bahut bahut dhanywaad
log rojgaar kee talash me chhote chhote shahro aur kasbo se bade bade shahro me aa to jate hain... unhe yahan 2 waqt kee rotee to naseeb hotee hai lekin sath me apna wah wajood bhee kho dete hain jiska unhe apne native place me rahte huye "Hone" ka ehsas tha..Phir insaan sochta hai ki maine kuchh paya to jaroor par aakhir kis cast par :-)
tang sahree jeevan ko ubhartee ek badhiya kavita...